संगीत सम्मलेन भाग ४ (आखिरी )

उदार दिल रमेश भाई ने मध्यांतर के लिए १० मिनट का समय दिया था वो उन लोगो के लिए था जिनके दिलको कचौड़ी आ ज तक छू नहीं पायी  थी । ३० मिनट तक खुली हवा में घूमते रहना तो बनता ही था।  एक के बाद एक ६ बार रमेश भाई के आग्रह को सन्मान … More संगीत सम्मलेन भाग ४ (आखिरी )

The Sangeet Sammelan

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The auditorium situated in the posh locality of the city was gradually getting filled. “Hey, Mohanbhai, what a pleasant surprise? You? Attending the classical program today?” “Actually, I was visiting my brother-in-law, Ramesh Rathod, here and he insisted that I come along. He is very much into music,…

संगीत सम्मलेन भाग ३:

उस्ताद मोहमद खान ने फिर अपने माथे पे हथेली रख झांक कर ऑडिटोरियम में बैठे हुए श्रोता गण की संख्या का  अंदाजा लगाया । बेचारा असलम खान ! बोर होते होते जम्भाई के अलावा और क्या करता  ? सज धज के एक जवान चुलबुली सी लड़की स्टेज पे तानपुरा बजाने हाजिर हुई।  ऐसे में  मोहन … More संगीत सम्मलेन भाग ३: